मिर्च

मिर्च भारत की प्रमुख मसाला फसलों में से एक है और घरेलू उपयोग व निर्यात दोनों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।
यह देश भर में प्रसंस्करण, व्यापार और मसाला-आधारित उद्योगों को सहारा देती है।
अपने उच्च बाजार मूल्य के कारण मिर्च की खेती किसानों के लिए कमाई की मजबूत संभावनाएँ भी प्रदान करती है।

आपके मिर्च को फॉस्फोरस की आवश्यकता क्यों है?

जड़ों का विकास और
शुरुआती मजबूती

फॉस्फोरस जड़ों के मजबूत विकास को बढ़ावा देता है, जिससे फसल अपने शुरुआती चरणों में मिट्टी से पोषक तत्वों और पानी को अधिक कुशलता से सोख पाती है।

फूल आना और
फलों (मिर्च) का विकास

यह ऊर्जा हस्तांतरण (ATP) में सहायता करता है, जो फूल आने, फल (मिर्च) बनने और फूलों को झड़ने से रोकने के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।

उपज और फल की
गुणवत्ता में सुधार

पर्याप्त मात्रा में फॉस्फोरस मिलने से मिर्च के आकार, एकसमान विकास और कुल उपज के साथ-साथ उसकी गुणवत्ता में भी सुधार होता है।
तेलंगाना आंध्र प्रदेश

मिर्च

खाद की सही मात्रा (किलो प्रति हेक्टेयर)

नाइट्रोजन

120

फॉस्फोरस

25

पोटेशियम

50

सूक्ष्मपोषक

जिंक 5.0% + मैंगनीज 2.0% + आयरन 2.0% + बोरॉन 0.5%

1.5

किग्रा/एकड़

TSP डोज़: P की आवश्यकता हेतु (किलो प्रति हेक्टेयर)

डोज़

54

इस्तेमाल का सही तरीका

बुआई के समय पंक्ति रोपण या बीज-उर्वरक ड्रिल द्वारा

चयनित राज्य: तेलंगाना

मुख्य उत्पादक राज्य: आंध्र प्रदेश, तेलंगाना

स्रोत: फसल की जानकारी

स्रोत: राज्यानुसार जानकारी